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क्या आप इस बात के लिये उत्सुक हैं की स्वामीजी का जीवन
कैसा दिखता है?
क्या
आपकी
इसमें अभिरूचि है कि वे क्या सोचते एवं महसूस करते हैं जब वे जनता के बीच
नहीं
रहते
हैं? स्वामी
बालेन्दु अपनी डायरी में इसे आपको बताना चाहते हैंI
"इसी
प्रकार मैं सारी पृथ्वी पर अपने सभी मित्रों के संपर्क में बने रहना चाहत
हूँI
मेरे
लिये अपनी भावनाओं एवं विचारों को व्यक्त करने का यह एक महान मार्ग,
एक
अद्भुत
मंच हैI
यदि आप
मुझे जानते हैं या मेरे वेबसाइट पर थोड़ा भी पढ़ा है तो आप
जानते
हैं कि मैं एक शिक्षक
नहीं हूँI
नहीं,
इस
डायरी के द्वारा मैं
आपको एक पूरा
ज्ञान,
मुझे
जानने देने की
संभावना देना चाहता हूँI
आप मेरे विचारों एवं विश्वासों के बारे में भी पढ़ेंगेI
तथापि
मैं अपने दैनिक
जीवन से
कुछ भी नहीं कहूँगा,
इसलिये
प्रतिदिन कुछ बहुत बुद्धिमत्तापूर्ण पढ़ने की
आशा
नहीं करेंI
यह मेरा
सामान्य दिन हैI
मैं उन
स्थितिओं के बारे में बात करना
चाहता
हूँ जिसमें हर व्यक्ति रह सकता हैI
लोग मेरे पास आना चाहते हैं,
अपना
निजी अनुभव बताते हैं एवं मैं उनकी
उपचारात्मक ऊर्जा एवं सलाह या अपने
विचार के द्वारा मदद करना चाहता हूँI
मैं
इसके
बारे
में अपनी डायरी में भी लिखना चाहता हूँ,
क्योंकि
दूसरे लोग भी उन स्थितिओं से
सीख
सकते हैंI
ये सब
हमारे चारों तरफ जीवन से जुड़ी हमारी दुनिया
की कहानियाँ हैंI
मैं इन
अनुभवों के बारे में कुछ भी कहना नहीं चाहता हूँ एवं मैं व्यक्तिगत रूप से
किसी एक
व्यक्ति के प्रति शब्द निर्देशित नहीं करना चाहता हूँI
दो निराले लोग एक महान कार्य कर रहे हैं जो यह संभव करता है
कि यह अंग्रेजी,
जर्मन
एवं फ्रेंच में प्रकाशित होI
मैं पूरे दिन भर जो भी कहता हूँ,
रमोना
उसे संग्रह
करती है एवं मेरे दैनिक
विचारों
को जर्मन भाषा में अनुवाद करती है तथा मेरे प्रिय भाई रोजर डायरी को फ्रेंच
में
अनुवाद लरते हैं"I
यदि आपके पास डायरी के बारे में कोई प्रतिपुष्टि हो तो आपका
हमारी अतिथि
पुस्तिका में हस्ताक्षर के लिये स्वागत हैI
किसी प्रश्नों
के लिये कृपया रमोना से
नि:संकोच संपर्क करें:
ramona@jaisiyaram.com
स्वामीजी की डायरी को पढ़ने के लिये कैलेंडर में किसी भी
तिथि पर क्लिक
करेंI |