jaisiyaram
jaisiyaram
Select Language
Bookmark and Share

हिमालय की सैर

Recommend this page|HOME
Himalayas
Chakra Dance Party Music
Advertisement with us


वृहत हिमालय

वृहत हिमालय को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है I इसे पृथ्वी का दिल कहा जाता है और बहुधा इसे पृथ्वी का मुकुट कहा जाता है I माउंट ऐवरेस्त सहित विश्व की सात उच्चतम पर्वत श्रेणियाँ हिमालय में स्थित हैं I हिमालय सदा से चिंतन एवं आध्यात्मिक अभ्यासों का एक स्थान रहा है I मानव जाति के आरंभ से ही लोग उस अद्‌भुत शांति के द्वारा आकर्षित रहे हैं जो न केवल पर्वतों की बल्कि अपने हृदय एवं मन की यात्रा के लिये आमंत्रित करते हैंI

हिमालय के नित्य यात्री के रूप में यशेन्दु गोस्वामी अपने शब्दों में व्यक्त करते हैं "सिर्फ़ हिमालय की प्रकृति में रहना ही आध्यात्मिक शक्ति का एक महान अनुभव है" I

भारत के लगभग सभी धर्मग्रंथ हिमालय कि महण आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन करते हैं I न केवल भगवान राम ने हिमालय में रहकर अनेक वर्ष बिताये बल्कि ऐसा भी कहा जाता है कि ईसा ने भी अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग इन पर्वतों की तेजस्वी ऊर्जाओं में बिताये I हिमालय नाम की उत्पत्ति संस्कृत शब्दों "हिम" एवं "आलय" से हुई I "हिम" का अर्थ बर्फ एवं "आलय" का अर्थ घर है I इस प्रकार हिमालय "बर्फ का घर" है I  वहाँ सैकड़ों मनोहर स्थान जैसे कि झीलें, घाटियाँ, उपवन एवं जल प्रपात हैं जहाँ भ्रमण किया जा सकता है I हिमालय प्राकृतिक संपदाओं जैसे कि जड़ी-बूटियों, रत्नों, रत्नों तथा लवणों से समृद्ध है I

किसी-किसी अवसर पर श्री बिन्दु सेवा संस्थान प्रूथ्वी के हृदय की आद्यात्मिक सैर आयोजित करता है I प्रत्येक व्यक्ति का हिमालय पर्वतों की सुन्दरता का अनुभ करने के लिये स्वागत है I

If you would like us to organize a journey for you and your group please write to support@jaisiyaram.com

Click here to know more....

हिमालय के यात्रा की तस्वीरों को देखने के लिये यहाँ क्लिक करें

 

Ayurveda Yoga Holiday - a spiritual holiday in India