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यशेन्दु गोस्वामी स्वामीजी के छोटे भाई हैंI
आश्रम
में पल-बढ़कर
उन्होंने बचपन में ही योग,
पवित्र धर्मग्रंथ एवं प्राचीन दार्शनिक पाठों को सीख
लियाI
14
वर्ष की उम्र में उन्होंने व्याख्यान देना शुरू किया और इस प्रकार
सम्पूर्ण भारत में भ्रमण कियाI
1995
में उन्होंने ज्योतिषशास्त्र एवं हस्तशास्त्र
तथा
चेहरा पढ़ने की विधियाँ जो कि ज्योतिष्शास्त्रीय अध्ययन से सम्बन्धित हैं का
अध्ययन शुरू कियाI
उन्होंने अपना अध्ययन गहन रूप से जारी रखा एवं आज वे वैदिक
ज्योतिषशास्त्र के एक अनुभवी सलाहकार हैंI
कभी-कभी
महीनों तक चलनेवाले गहन नियमित चिन्तनों ने यशेन्दु को
प्रेम
चिन्तन,
एक पथ,
एक
सरल अभ्यास जो कि आपको अपने आप
में सर्व करूणामयी प्रेम
प्रज्वलित करने के लिये निर्देषित करता है,
का
अनुसरण करने
के लिये
प्रेरित कियाI उनका विश्वास
करना है
"प्रेम ही
प्रकाश है और
प्रकाश ही प्रेम है"I
प्रेम
जीवन का सच्चा प्रकाशीकरण हैI
श्री यशेन्दु
जी पूरे जीवन शाकाहारी रहे एवं उन्हें
शाकाहारी भोजन
तथा आयुर्वेद का व्यापक ज्ञान थाI वे
अपना ज्ञान हमारे साथ बाँटना
चाहते हैं
कि किस तरह उनकी आयुर्वेदिक रसोई कार्यशालाओं में स्वादिष्ट तथा
स्वास्थ्यवर्धक शाकाहारी भोजन पकाया
जाता हैI
यशेन्दु
गोस्वामी हमेशा से ही
योग के एक अव्वल
विद्यार्थी
रहे हैंI योग
के प्रति उनका गहरा प्रेम एवं उससे मिलनेवाली प्रेरणा से उन्हें
असीम खुशी मिलती
है जिसे वे एक प्रेरणापूर्ण ढ़ंग से बाँटेंगेI
उनके
शब्दों में इसे
व्यक्त करने पर योग एक जीवन शैली है जिसे आप अपने जीवन के लिये ग्रहण कर
सकते हैंI
आप
अपना जीवन योगिक ढ़ंग से जी सकते हैं और इस प्रकार अपने जीवन के हर पहलू को
योग
के
माध्यम से ग्रहण कर सकते हैंI
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Sri Yashendu Goswami at yashendu@hotmail.com
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